Saturday, February 28, 2026
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सावधान! 20 जनवरी से बंद हो सकते हैं ये 3 तरह के बैंक अकाउंट, कहीं आपका खाता भी इस लिस्ट में तो नहीं?

क्या आपने भी अपनी पुरानी कंपनी वाला सैलरी अकाउंट या कोई छोटा सेविंग खाता महीनों से चेक नहीं किया है? अगर आपका जवाब हाँ है, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा ‘Wake-up Call’ है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए 20 जनवरी 2026 से कुछ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।

अब बैंक सिर्फ उन खातों को चालू रखेंगे जो असल में इस्तेमाल हो रहे हैं। जो अकाउंट धूल फांक रहे हैं, उन पर अब ताला लगने वाला है। लेकिन घबराइए नहीं, इस लेख में हम आपको बताएंगे कि आप अपने मेहनत की कमाई को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं और RBI के इस नए चक्रव्यूह से कैसे बाहर निकल सकते हैं।

20 January se band ho sakta hai ye 3 trah ke bank account

कौन से 3 तरह के खाते हैं खतरे में?

RBI ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा और फ्रॉड को रोकने के लिए इन तीन श्रेणियों के खातों पर गाज गिर सकती है:

  • Inactive Accounts (निष्क्रिय खाते): अगर आपने पिछले 12 महीनों से अपने अकाउंट से कोई ट्रांजेक्शन (जमा या निकासी) नहीं किया है, तो आपका खाता ‘Inactive’ घोषित हो सकता है।
  • Dormant Accounts (सुप्त खाते): जो खाते 2 साल या उससे ज्यादा समय से बंद पड़े हैं, उन्हें ‘Dormant’ की श्रेणी में डाल दिया जाएगा। यहाँ सबसे ज्यादा खतरा है क्योंकि ऐसे खातों पर बैंक की कड़ी निगरानी शुरू हो जाती है।
  • Zero Balance Accounts (शून्य शेष खाते): कई बार हम खाते खोलकर भूल जाते हैं और बैलेंस जीरो रहता है। RBI के नए नियमों के तहत ऐसे अकाउंट्स को मैनेज करना बैंकों के लिए बोझ है, इसलिए इन्हें भी क्लोजर के लिए रिव्यू किया जा रहा है।
  • प्रो टिप: बैंक द्वारा जमा किया गया ‘ब्याज’ (Interest) या काटा गया ‘सर्विस चार्ज’ आपकी तरफ से किया गया ट्रांजेक्शन नहीं माना जाता। जब तक आप खुद कोई लेन-देन नहीं करेंगे, अकाउंट एक्टिव नहीं माना जाएगा।

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Quick Comparison: कब आपका खाता सुरक्षित है और कब खतरे में?

अकाउंट की स्थितिसमय सीमाक्या होगा?समाधान
Activeनियमित इस्तेमालसब सुरक्षित हैकुछ करने की जरूरत नहीं
Inactive12 महीने (नो ट्रांजेक्शन)सर्विस पर पाबंदीछोटा ट्रांजेक्शन करें
Dormant24 महीने+खाता फ्रिज/बंदबैंक जाकर Re-KYC कराएं

Expert Insight: क्यों जरूरी हैं ये नियम?

एज ए फाइनेंशियल एक्सपर्ट, मेरा मानना है कि ये नियम आपके भले के लिए हैं। पुराने और लावारिस पड़े खाते साइबर अपराधियों के लिए सबसे आसान टारगेट होते हैं। आपका पैसा सुरक्षित रहे और बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहे, इसलिए RBI ने यह ‘क्लीनिंग प्रोसेस’ शुरू किया है।

अगर अकाउंट बंद होने वाला है, तो क्या करें? (Checklist)

अगर आपको लगता है कि आपका कोई खाता खतरे में है, तो ये 3 काम आज ही निपटा लें:

  • एक छोटा ट्रांजेक्शन करें: कम से कम ₹10 या ₹100 का UPI या एटीएम ट्रांजेक्शन करें। इससे खाता तुरंत ‘Active’ मोड में आ जाएगा।
  • Video KYC का लाभ उठाएं: अब आपको पुराने बैंक की होम ब्रांच जाने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे V-CIP (Video-based Customer Identification Process) के जरिए अपना KYC अपडेट कर सकते हैं।
  • Mobile Number और Email चेक करें: सुनिश्चित करें कि आपके खाते में सही मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है, ताकि बैंक की तरफ से आने वाली ‘Advance Notice’ आपको मिल सके।

Extra Value: लावारिस पैसे को कैसे ढूंढें? (UDGAM Portal)

अगर आपका पैसा 10 साल से ज्यादा समय से किसी पुराने खाते में पड़ा है, तो वह RBI के DEA Fund (Depositor Education and Awareness Fund) में चला जाता है। इसे ढूंढने के लिए आप RBI के UDGAM पोर्टल का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एक ऐसी जानकारी है जो बहुत कम लोगों को पता है, लेकिन इसके जरिए करोड़ों रुपये वापस क्लेम किए जा रहे हैं।

Final Verdict

बैंक अकाउंट रखना एक जिम्मेदारी है। अगर आपके पास फालतू खाते हैं जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते, तो उन्हें खुद बंद करवा देना बेहतर है। और अगर आपका कोई जरूरी खाता बंद होने की कगार पर है, तो 20 जनवरी से पहले उसमें एक छोटा सा लेन-देन जरूर कर लें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। बैंकिंग नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकते हैं। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से जानकारी अवश्य लें।

Aman Gupta
Aman Gupta
नमस्ते! मैं एक फाइनेंस लेखक हूँ और पिछले कई वर्षों से Mutual Funds, Bank Loans और Insurance जैसे जटिल विषयों को आसान भाषा में लोगों तक पहुँचा रहा हूँ। मेरा उद्देश्य है कि निवेश और बैंकिंग से जुड़ी सही और सटीक जानकारी हर किसी को मिले, ताकि वे अपने वित्तीय फैसले समझदारी से ले सकें। मैं मार्केट के उतार-चढ़ाव, सरकारी बैंकिंग पॉलिसियों और बीमा क्षेत्र के नए नियमों पर बारीकी से नज़र रखता हूँ। मेरे लेखों में आपको केवल जानकारी ही नहीं, बल्कि एक गहरा विश्लेषण और व्यावहारिक सुझाव भी मिलेंगे। जब मैं लिखता हूँ, तो मेरा पूरा ध्यान इस बात पर होता है कि एक आम आदमी भी पर्सनल फाइनेंस की बारीकियों को आसानी से समझ सके।
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