आज के समय में जब शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हर दूसरे दिन हो रहा है, हर कोई एक ऐसी जगह ढूंढ रहा है जहाँ पैसा सुरक्षित भी रहे और रिटर्न भी अच्छा मिले। अगर आप भी अपने मेहनत की कमाई को बिना किसी रिस्क के बढ़ाना चाहते हैं, तो Post Office FD Scheme (Time Deposit) आपके लिए ‘गेम-चेंजर’ जैसे साबित हो सकती है। लोग अक्सर बैंकों के चक्कर काटते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि डाकघर की FD न केवल बाकि इन्वेस्मेंट के मुकाबले अधिक सुरक्षित है, बल्कि कई मायनों में बड़े बैंकों से बेहतर ब्याज भी दे रही है?
Post Office FD (Time Deposit) आखिर है क्या?
पोस्ट ऑफिस की फिक्स्ड डिपॉजिट को आधिकारिक तौर पर Post Office Time Deposit (POTD) कहा जाता है। यह भारत सरकार द्वारा समर्थित एक छोटी बचत योजना है। इसमें आप 1, 2, 3 या 5 साल के लिए एक निश्चित राशि निवेश कर सकते हैं। चूंकि यह योजना सीधे सरकार के नियंत्रण में होता है, इसलिए आपके पैसे के डूबने का खतरा लगभग ‘जीरो’ हो जाता है।
Post Office FD की ताज़ा ब्याज दरें (2025–26)
पोस्ट ऑफिस ने अपनी ब्याज दरों को काफी आकर्षक बना रखा है। वर्तमान में मिलने वाली ब्याज दरें कुछ इस प्रकार से हैं:
| निवेश की अवधि | ब्याज दर (सालाना) |
| 1 साल की FD | 6.9% |
| 2 साल की FD | 7.0% |
| 3 साल की FD | 7.1% |
| 5 साल की FD | 7.5% |
यह भी पढ़ें: Bank of Baroda Personal Loan 2026: अब बिना बैंक चक्कर काटे सीधे बैंक खाते में आएंगे ₹20 लाख, जानें पूरी प्रक्रिया!
Post Office FD के 5 सबसे बड़े फायदे
- सरकारी सुरक्षा (Sovereign Guarantee): यहाँ जमा किया गया आपका पैसा सीधे भारत सरकार के पास सुरक्षित रहता है। बैंकों में केवल 5 लाख तक का बीमा होता है, लेकिन यहाँ आपकी पूरी राशि सुरक्षित रहती है।
- टैक्स में भारी बचत: अगर आप 5 साल की FD चुनते हैं, तो आपको Income Tax Benefit Section 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स में छूट मिलती है।
- मात्र 1000 रुपये से शुरुआत: आपको लाखों रुपये की जरूरत नहीं है। आप सिर्फ 1,000 रुपये से अपना खाता खुलवा सकते हैं। अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है।
- आसान ट्रांसफर: अगर आप नौकरी या किसी भी कारण से अपना शहर बदलते हैं, तो आप अपनी FD को देश के किसी भी पोस्ट ऑफिस में आसानी से ट्रांसफर करवा सकते हैं।
- नॉमिनेशन की सुविधा: खाता खोलते समय या बाद में भी आप अपने परिवार के किसी सदस्य को नॉमिनी बना सकते हैं।
Post Office FD vs Bank FD: कौन है बेहतर?
आज के समय में देखा जाये तो ज्यादातर बड़े सरकारी और प्राइवेट बैंक 1 से 3 साल की FD पर 6% से 7% के बीच ब्याज दे रहे हैं। वहीं, पोस्ट ऑफिस की 5 साल की FD पर 7.5% का ब्याज मिल रहा है। इसके अलावा, पोस्ट ऑफिस में TDS (Tax Deducted at Source) के नियम बैंकों की तुलना में थोड़े सरल हैं (हालांकि ब्याज टैक्स योग्य होता है)।
Expert Pro-Tip: “अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं और लंबी अवधि के लिए निवेश देख रहे हैं, तो 5 साल की पोस्ट ऑफिस टीडी (Time Deposit) सबसे बेस्ट विकल्प आपके लिए हो सकता है। लेकिन अगर आपको बीच में पैसों की जरूरत पड़ सकती है, तो 1 या 2 साल की FD चुनें, क्योंकि पोस्ट ऑफिस में समय से पहले पैसा निकालने (Premature Withdrawal) पर ब्याज में कटौती की जाती है।”
यह भी पढ़ें: Mutual Fund SIP 2026: क्या आप भी कर रहे हैं निवेश में ये 3 गलतियाँ? जानें अमीर बनने का असली सीक्रेट।
समय से पहले FD तोड़ी तो क्या होगा?
- पोस्ट ऑफिस एफडी में आप 6 महीने से पहले पैसा निकालने की अनुमति नहीं होती है।
- 6 महीने से 1 साल के बीच: आपको सिर्फ सेविंग अकाउंट (लगभग 4%) का ब्याज मिलेगा।
- 1 साल के बाद: अगर आप 2, 3 या 5 साल वाली FD को समय से पहले बंद करते हैं, तो तय किये गए ब्याज दर के हिसाब से 2% कम ब्याज दिया जाएगा।
खाता कैसे खोलें?
अगर आपके भी मन में ये प्रश्न उठ रहा है की आखिर इसके लिए खाता कैसे खोले तो उसके लिए आप अपने नजदीकी डाकघर में जाकर अपना दस्ताबेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो के साथ यह खाता खोल सकते हैं। अब कई राज्यों में India Post Payments Bank (IPPB) के जरिए ऑनलाइन की भी सुविधा शुरू हो गई है।
यह भी पढ़ें: Bank Account New Rules 2026: SBI, PNB और BOB ग्राहकों के लिए बुरी खबर? मिनिमम बैलेंस नहीं रखा तो अब कटेगा इतना पैसा!
निष्कर्ष
Post Office FD Scheme 2026 उन लोगों के लिए एक बहोत अच्छा विकल्प हो सकता है जो अपने इन्वेस्टमेंट पर रिस्क नहीं लेना चाहते और अपने भविष्य को पूरी तरह से सुरक्षित करना चाहते हैं। चाहे वो बच्चों की पढ़ाई हो, शादी या फिर रिटायरमेंट की प्लानिंग, यह स्कीम हर इन्वेस्टर के पोर्टफोलियो में होनी चाहिए। आज ही अपने निवेश की शुरुआत करें और सरकारी गारंटी के साथ अपनी वेल्थ को और ज्यादा बढ़ाएं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें या आधिकारिक इंडिया पोस्ट की वेबसाइट पर नियमों की जांच करें। ब्याज दरें समय-समय पर सरकार द्वारा बदली जा सकती हैं।