क्या आपके बैंक खाते में भी अक्सर कम बैलेंस रहता है? या फिर आपके नाम पर ऐसे खाते हैं, जिनका आप महीनों से इस्तेमाल ही नहीं कर रहे? अगर जवाब “हाँ” है, तो यह खबर आपके लिए सबसे जरूरी हो सकती है। 15 जनवरी 2026 से बैंकिंग सिस्टम में कुछ अहम बदलाव लागू किए जाने की तैयारी हो रही है।
अक्सर हम अनजाने में पुराने बैंक खातों को खुला छोड़ देते हैं या जो बैंक के द्वारा तय किये गए मिनिमम बैलेंस न होने पर लगने वाली भारी पेनल्टी से परेशान रहते हैं। लेकिन अब RBI ने ग्राहकों को बड़ी राहत देने और साथ ही सुरक्षा बढ़ाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि आपकी जेब पर इसका क्या असर हो सकता है।
15 जनवरी से क्या बदल रहा है?
RBI के नए निर्देशों के मुताबिक, बैंकों को अब अपने चार्जिंग स्ट्रक्चर और इनएक्टिव अकाउंट्स (Inactive Accounts) को लेकर अधिक पारदर्शी होना होगा। 15 जनवरी से बैंक किसी भी खाते को बंद करने या उस पर पेनल्टी लगाने से पहले नए नियमों का पालन करना होगा।
मिनिमम बैलेंस और पेनल्टी को लेकर क्या राहत मिलेगी?
अब तक क्या होता था? की अगर खाते में बैंक द्वारा तय किये सीमा से कम बैलेंस रहा, तो बिना ग्राहको को सुचना दिए बैंक सीधे चार्ज काट लेता था। कई बार तो बैलेंस माइनस में भी चला जाता था। लकिन अब ऐसा नहीं होगा RBI के नए निर्देश के अनुसार अब ये सभी बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जैसे की:
- पहले सूचना देना जरूरी: अगर खाते में बैंक के तय किये सिमा से बैलेंस नीचे रहता है, तो बैंक को तुरंत ग्राहकों को SMS या ईमेल के जरिए पहले सूचना देनी होगी।
- कमी के हिसाब से चार्ज: पेनल्टी अब उतनी ही होगी जितना बैलेंस कम है। उदाहरण के लिए, अगर ₹500 कम हैं, तो पेनल्टी ₹5000 की कमी के मुकाबले काफी कम होगी।
- नेगेटिव बैलेंस नहीं बनेगा: ग्राहकों के लिए सबसे बड़ी राहत तो यह है कि पेनल्टी की वजह से आपका बैलेंस कभी भी ‘नेगेटिव’ यानि की माइनस में नहीं जाएगा।
ये 3 तरह के खाते आ सकते हैं बैंक की नजर में
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ खातों पर खास निगरानी बैंक द्वारा रखी जा सकती है:
- Dormant Accounts: यह वो खाते है जिनमें 2 साल से कोई लेन-देन नहीं हुआ है।
- Inactive Accounts: जिनमें पिछले 12 महीनों से कोई गतिविधि नहीं है।
- Unverified KYC: जिन खातों की KYC अपडेट नहीं है, तो ऐसे खातों को 15 जनवरी के बाद बैंक द्वारा फ्रीज किया जा सकता है।
अलग-अलग बैंकों में क्या असर हो सकता है? (अनुमानित)
| बैंक का प्रकार | मिनिमम बैलेंस नियम (15 जनवरी से) | पेनल्टी की स्थिति |
| सरकारी बैंक (PSU) | बहुत कम या जीरो (BSBD के लिए) | लगभग समाप्त या न्यूनतम |
| प्राइवेट बैंक | ₹5,000 – ₹10,000 (शहरी क्षेत्रों में) | कमी के अनुपात में (Proportionate) |
| पेमेंट्स बैंक | कोई न्यूनतम बैलेंस की जरूरत नहीं | कोई चार्ज नहीं |
BSBD अकाउंट: अब हर किसी को मिलेगा जीरो बैलेंस का फायदा
RBI ने Basic Savings Bank Deposit (BSBD) अकाउंट के नियमों को और सरल बना दिया है।
- अब आप अपने रेगुलर सेविंग्स अकाउंट को 7 दिनों के भीतर BSBD में बदल सकते हैं।
- इसमें आपको फ्री ATM कार्ड, चेकबुक और महीने में 4 फ्री विड्रॉल मिलेंगे।
- शर्त: एक व्यक्ति पूरे देश में केवल एक ही BSBD खाता रख सकता है।
एक जरूरी सलाह: “अगर आपके पास 3-4 पुराने बैंक खाते हैं जिनका आप उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें 15 जनवरी से पहले खुद जाकर बंद करवा दें। क्युकी ये इनएक्टिव अकाउंट्स साइबर अपराधियों के लिए सॉफ्ट टारगेट होते हैं। साथ ही, अपने मुख्य खाते में Auto-Sweep सुविधा एक्टिव करवा सकते हैं। इससे मिनिमम बैलेंस की टेंशन भी खत्म होती है और सेविंग अकाउंट पर FD जैसा फायदा भी मिलता है।”
15 जनवरी से पहले ये काम जरूर कर लें
- KYC अपडेट: अपने बैंक जाकर सुनिश्चित करें कि आपका आधार और पैन लिंक है।
- Nomination: नए नियमों के तहत नॉमिनी का नाम होना अनिवार्य कर दिया गया है।
- Digital Consent: 15 जनवरी से डिजिटल बैंकिंग के लिए आपकी स्पष्ट सहमति (Consent) जरूरी होगी।
निष्कर्ष
बैंकिंग नियमों में होने वाले ये बदलाव आम ग्राहकों के लिए राहत लेकर आ सकते हैं। जहां एक तरफ बेवजह की पेनल्टी पर रोक लगेगी, वहीं दूसरी ओर पुराने और निष्क्रिय खातों से जुड़ा जोखिम भी कम होगा। बेहतर यही है कि 15 जनवरी 2026 से पहले अपनी बैंकिंग से जुड़ी छोटी-सी चेकलिस्ट पूरी कर ली जाए, ताकि आपको आगे किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। बैंकिंग नियमों में बदलाव की सटीक जानकारी के लिए कृपया अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या RBI (rbi.org.in) के नोटिफिकेशन को जरूर एक बार देखें।