अगर आप Swiggy, Zomato, या Blinkit जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हैं, तो आपने भी कभी न कभी बैंक से लोन लेने की कोशिश की होगी। लेकिन बैंक अक्सर आपसे ‘सैलरी स्लिप’ या ‘CIBIL स्कोर’ मांगता है, जो आपके पास नहीं होता। नतीजा? आपका लोन रिजेक्ट हो जाता है। लेकिन अब घबराने की जरूरत नहीं है! भारत सरकार एक ऐसी क्रांतिकारी माइक्रोक्रेडिट योजना लेकर आ रही है, जहां न आपसे पक्की नौकरी का सबूत मांगा जाएगा और न ही आपका क्रेडिट स्कोर देखा जाएगा।
यह योजना खासकर उन लाखों गिग वर्कर्स और घरेलू सहायकों के लिए है, जो दिन-रात मेहनत करके शहर की रफ़्तार बनाए रखते हैं। अप्रैल 2026 से लागू होने वाली इस स्कीम का सीधा मकसद आपको साहूकारों के चंगुल से छुड़ाकर बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना है। चाहे आपको नई बाइक लेनी हो या मोबाइल रिपेयर कराना हो, अब पैसे की तंगी आपकी तरक्की नहीं रोकेगी।
PM-SVANidhi की तर्ज पर ‘डिजिटल’ सपोर्ट
सरकार की यह नई स्कीम प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM-SVANidhi) मॉडल पर आधारित होगी। जैसे रेहड़ी-पटरी वालों को बिना किसी गारंटी के लोन मिलता है, ठीक वैसे ही अब डिलीवरी पार्टनर्स को भी वित्तीय सहायता मिलेगी।
स्कीम की मुख्य बातें:
- शुरुआती लोन: पहले चरण में ₹10,000 तक का माइक्रो-लोन मिलेगा।
- कोई गारंटी नहीं: लोन के लिए आपको अपनी कोई प्रॉपर्टी या सोना गिरवी रखने की जरूरत नहीं है।
- ब्याज में राहत: समय पर लोन चुकाने वालों को 7% तक की ब्याज सब्सिडी मिल सकती है।
- डिजिटल रिवॉर्ड: अगर आप डिजिटल ट्रांजैक्शन करते हैं, तो आपको कैशबैक जैसे फायदे भी दिए जा सकते हैं।
किन लोगों को मिलेगा इसका सीधा फायदा?
यह स्कीम उन लोगों के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगी जो अब तक फॉर्मल इकोनॉमी का हिस्सा नहीं थे। इसमें शामिल हैं:
- डिलीवरी पार्टनर्स: Swiggy, Zomato, Zepto, Blinkit आदि में काम करने वाले।
- घरेलू सहायक: घरों में काम करने वाली बाई, खाना बनाने वाले या सफाई कर्मचारी।
- असंगठित शहरी कामगार: छोटे स्तर पर फ्रीलांस काम करने वाले लोग।
| पात्रता की शर्तें | आवश्यक दस्तावेज |
| ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन | आधार कार्ड (Aadhaar Card) |
| एक्टिव बैंक खाता | यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) |
| सरकारी रिकॉर्ड में पहचान | रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर |
Expert Tip: लोन मिलने की संभावना कैसे बढ़ाएं?
सरकार इस लोन के लिए उन्हीं को प्राथमिकता देगी जिनका डेटा ई-श्रम (e-Shram) पोर्टल पर अपडेटेड है। अगर आपने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो आज ही करा लें। इसके अलावा, अपने काम का डिजिटल रिकॉर्ड (जैसे डिलीवरी हिस्ट्री या ऐप डैशबोर्ड) तैयार रखें, क्योंकि भविष्य में लोन की राशि ₹20,000 से ₹50,000 तक बढ़ सकती है।
वैल्यू एडिशन: लोन लेने से पहले की ‘स्मार्ट चेकलिस्ट’
सिर्फ लोन लेना काफी नहीं है, उसका सही इस्तेमाल करना भी जरूरी है। एक एक्सपर्ट के तौर पर मेरी यह सलाह याद रखें:
- UAN कार्ड संभाल कर रखें: यह आपकी डिजिटल पहचान है।
- सिबिल स्कोर की चिंता न करें, पर बैंक ट्रांजैक्शन सुधारें: भले ही CIBIL की जरूरत न हो, लेकिन बैंक स्टेटमेंट में लेनदेन साफ-सुथरा रखने से भविष्य में बड़े लोन मिलने में आसानी होगी।
- समय पर भुगतान: पहला ₹10,000 का लोन समय पर चुकाएं ताकि आप अगली बार ₹20,000 या ₹50,000 के बड़े लोन के पात्र बन सकें।
Final Verdict
सरकार की यह पहल देश के 31 करोड़ से ज्यादा असंगठित कामगारों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है। यह सिर्फ कर्ज नहीं, बल्कि आपकी मेहनत को मिली एक सरकारी पहचान है। अगर आप एक गिग वर्कर हैं, तो अप्रैल का इंतजार करें और अपने दस्तावेज अभी से तैयार कर लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। स्कीम के अंतिम नियम और शर्तें आधिकारिक लॉन्च के समय सरकार द्वारा जारी की जाएंगी। कृपया आवेदन करने से पहले आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों की जांच अवश्य करें।