अगर आप उन भी लोगों में से हैं जो अपने पुराने बैंक खातों को खोलकर भूल जाते हैं, तो 2026 आपके लिए थोड़ा मुश्किल साल साबित हो सकता है। पिछले कुछ महीनों से बैंकों की तरफ़ से लगातार SMS और कॉल आ रहे हैं की “खाता अपडेट कराइए, KYC पूरा कराइए”। बहुत लोग इन्हें नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन अब ऐसा करना आपको महँगा पड़ सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकिंग सिस्टम को साफ-सुथरा बनाने के लिए कुछ सख्त कदम उठाए हैं। अब बैंक केवल ‘पैसा जमा करने की मशीन’ नहीं रहने वाली है वे अब आपके खातों की Active Presence की मांग कर रहे हैं।
क्या आप जानते हैं कि 2026 से SBI, PNB और BoB जैसे बड़े बैंकों ने एक ‘Graded Penalty’ सिस्टम लागू किया है? इसका मतलब है कि जितनी ज्यादा देरी, उतना बड़ा जुर्माना। और सबसे डरावनी बात तो यह की आपके 3 विशेष प्रकार के खाते हमेशा के लिए बंद किए जा सकते हैं।
किन खातों पर सबसे ज़्यादा खतरा है?
RBI के नए निर्देशानुसार, जनवरी 2026 से इन खातों पर कड़ी कार्रवाई शुरू हो चुकी है:
- Dormant Accounts (निष्क्रिय खाते): वे खाते जिनमें पिछले 2 साल से कोई लेनदेन नहीं हुआ है। ऐसे खातों का इस्तेमाल अक्सर फ्रॉड करने के लिए किया जाता है, इसलिए बैंक इन्हें अब फ्रीज़ करना शुरू कर चुके हैं।
- Inactive Accounts (लो-एक्टिविटी): अगर आपने बैंक खाते में 12 महीने से कोई ट्रांजैक्शन नहीं किया है, तो बैंक आपका खाता ‘Inactive’ श्रेणी में डाल देगी।
- Zero Balance & Legacy Accounts: बहुत से लोगों के पास आज भी ऐसे खाते हैं जिनमें न KYC update है न न मोबाइल नंबर जुड़ा है और न ही कोई बैलेंस है ऐसे खतो को अब बैंक बंद करने वाली है।
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SBI, PNB और Bank of Baroda में क्या बदला है?
2026 में मिनिमम बैलेंस को लेकर बैंकों ने अपनी तरीका पूरी तरह से बदल दी है। अब सीधा चार्ज नहीं, बल्कि अब जुर्माना आपकी कमी के हिसाब से लगने वाला है।
- SBI: शहरी इलाकों के लिए नियम पूरी तरह से सख़्त कर दिए गए हैं। जितना कम बैलेंस, उतना ज़्यादा चार्ज अब बैंक लेने वाली है।
- PNB: अगर आपका खाता डिजिटल रूप से एक्टिव नहीं है, तो अतिरिक्त सेवा शुल्क लग बैंक आपके ऊपर लगा सकता है।
- Bank of Baroda: हर तिमाही खाते की समीक्षा बैंक द्वारा की जाएगी है। ग्रेस पीरियड खत्म होते ही पेनल्टी शुरू कर दी जाएगी।
एक बैंक अधिकारी ने साफ़ कहा: “अब सिर्फ खाता होना काफी नहीं है, उसका इस्तेमाल होना भी बहोत ज़रूरी है।”
2026 के लिए मेरी Practical Banking चेकलिस्ट
मैंने पिछले कुछ सालों में कई लोगों को बेवजह बैंक चार्ज भरते देखा है। उनसे सीखकर ये 4 चीज़ें ज़रूर करें:
- Consolidate (एकीकरण): अगर आपके पास 3 से ज्यादा बैंक खाते हैं, तो उन्हें बंद कर दें। केवल उन्हीं खातों को रखें जिनका उपयोग आप नियमित रूप से करते हैं।
- Digital Handshake: महीने में कम से कम एक बार ₹10 का भी UPI ट्रांजैक्शन करें। इससे आपका खाता ‘Active’ रहेगा।
- KYC Re-verification: सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर और आधार आपके बैंक के साथ अपडेटेड है। 2026 में बिना अपडेटेड KYC वाले खाते सबसे पहले फ्रीज होंगे।
- Nominee Check: नए नियमों के तहत, बिना नॉमिनी वाले खातों पर बैंक कड़ी पूछताछ कर रहे हैं। आज ही अपने खाते में नॉमिनी का नाम चेक करें और नहीं है तो उसे जोड़े।
अप्रैल 2026 से आने वाले और बड़े बदलाव
सिर्फ मिनिमम बैलेंस ही काफी नहीं है, अप्रैल 2026 से डिजिटल बैंकिंग और भी ‘पावरफुल’ होने वाली है। RBI ने आदेश दिया है कि BSBD खाताधारकों को भी फ्री चेकबुक, मोबाइल बैंकिंग और ATM कार्ड की सुविधा अनिवार्य रूप से दी जाए।
मेरी राय…
2026 के बैंकिंग नियम लोगो को बिलकुल भी डराने के लिए नहीं है, बल्कि ये सुरक्षा के लिए हैं। बैंकों का फोकस अब ‘Quantity’ (कितने खाते हैं) से हटकर ‘Quality’ (कितने एक्टिव खाते हैं) पर आ गया है। मेरी सलाह है कि आप अपने सभी पुराने बैंक खातों की पासबुक ढूंढें और या तो उन्हें चालू करें या सम्मानजनक तरीके से बंद कर दें। याद रखें, आलस की कीमत बैंक जुर्मानों के रूप में वसूल करेगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। बैंकिंग नियमों में बदलाव समय-समय पर RBI और संबंधित बैंकों द्वारा किए जाते हैं। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।